अमेरिका में रोजाना गोलीबारी के शिकार होते हैं 19 बच्चे

शिकागो, एजेंसी। अमेरिका में एक सरकारी अध्ययन में सामने आया है कि रोजाना गोलीबारी में कम से कम 19 बच्चों की मौत हो जाती है या वे घायल हो जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा लड़कों, किशोर और अश्वेत लोगों को है। यह अध्ययन देश में हिंसा की भयावह तस्वीर को पेश करता है।
साल 2002 और 2014 के बीच के अमेरिकी डेटा का विश्लेषण इस विषय पर अब तक सबसे व्यापक अध्ययन माना जाता है। यह इस बात को रेखांकित करता है कि अध्ययनकर्ता क्यों यह मानते हैं कि बूंदक से की गई हिंसा लोगों की सेहत के लिए खतरा है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की रिपोर्ट में बच्चों और 17 साल तक के किशोरों को शामिल किया गया है। इसका संकलन मृत्यु प्रमाण पत्रों और आपातकालीन कक्षों की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है।
वार्षिक तौर पर 1,300 मौतें हुई हैं और तकरीबन 6,000 लोग गोलीबारी में जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर लोग जानबूझकर की गई गोलीबारी में घायल हुए हैं। अधिकतर मौतें हत्या और खुदकुशी का नतीजा थीं, जबकि हमलों में ज्यादातर चोटें घातक नहीं थीं।

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