जीएसटी के विरोध में इलाहाबाद बंद, हुआ प्रदर्शन

इलाहाबाद, एजेंसी।
देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले विरोध शुरू हो गया है। व्यापारी सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में इलाहाबाद में व्यापारियों ने इलाहाबाद बंद का आह्वान किया। इलाहाबाद के चौक इलाके में व्यापारियों ने एक सभा को संबोधित किया जिसमें केंद्र सरकार के इस नए नियम पर रोष जताया। व्यापारियों का कहना था कि नोटबंदी के बाद जीएसटी लागू करना व्यापारियों के हित के खिलाफ है। शहर के सबसे पुरानी बाजार में व्यापारियों का हुजूम उमड़ पड़ा और सभी दुकानें बंद मिलीं। इलाहाबाद में कपड़ा व्यापारी, चमड़ा व्यापारी, सराफा के व्यापारियों ने एकजुट होकर जीएसटी का विरोध किया। विरोध प्रदर्शन कर रहे व्यापारी अजय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज दूकानें बंद की गई हैं जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकाल के लिए भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापार बिल्कुल ही खत्म हो गया है। नौबत यहां तक आ गई है कि शाम तक बड़ी मुश्किल से बोहनी होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जीएसटी बड़ी बड़ी कंपनियों पर लागू करना चाहिए। आम जनता को बेवजह परेशान किया जा रहा है इससे कोई हल निकलने वाला नहीं है। जालौन में भी विरोध, वित्त मंत्री का पुतला दहन जालौन में आज भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जीएसटी के विरोध में जिले भर की दुकानें बंद रखीं। वहीं दर्जनों की संख्या में व्यापारी उरई के घंटाघर तिराहे पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने जीएसटी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद व्यापारियों ने जीएसटी एवं वित्तमंत्री का पुतला भी दहन किया। जीएसटी व्यापारियों के लिए परेशान करने वाला-दिलीप सेठ भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री डॉ दिलीप सेठ ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जो जीएसटी बिल लगाया गया है वह व्यापारियों के लिए परेशान करने वाला है। ज्यादातर व्यापारी अशिक्षित हैं तो व्यापारी कैसे महीने में तीन रिटर्न आॅनलाइन सबमिट कर सकता है। आज बाजार बंद करके सभी व्यापारी जीएसटी का विरोध कर रहे हैं। क्या होता है जीएसटी जीएसटी के लागू होने से हर समान और हर सेवा पर सिर्फ टैक्स लगेगा यानि वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। आम भारतवासी को जीएसटी से सबसे बड़ा फायदा होगा कि पूरे देश में सामान पर देश के लोगों को एक ही टैक्स चुकाना होगा। यानि पूरे देश में समान की कीमत एक ही रहेगी। वर्तमान पर वस्तुओं पर भिन्न प्रकार के टैक्स लगते है। आप किसी भी राज्य में रहते हो, आपको हर सामान एक ही कीमत पर मिलेगा। जैसे अगर दिल्ली में किसी गाड़ी को खरीदा जाता हैतो दूसरे राज्यों की अपेक्षा उसकी कीमत भिन्न होती है। यानि जीएसटी के लागू होने से सामान सस्ता मिलेगा। भारत वर्ष में 2006-07 के आम बजट में पहली बार इसका जिक्र किया गया था। वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले अधिकतर करों को जीएसटी के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है।
इसके लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज डयूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। राज्यों के मिलने वाला वैट, मनोरंजन टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स,चुंगी वगैरह भी खत्म हो जाएगी

इसी तरह की खबर