जीएसटी पर रहेगी निवेशकों की निगाह

नई दिल्ली, भाषा। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के बाद शेयर बाजारों में इस सप्ताह कुछ उतार-चढ़ाव रह सकता है। शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इसके अलावा निवेशकों की निगाह सप्ताह के दौरान घोषित होने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों पर भी रहेगी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कारोबार प्रमुख-पीसीजी वी के शर्मा ने कहा, निवेशकों की निगाह इस बात पर है कि जीएसटी का क््िरयान्वयन आगे कैसा रहता है। इसके अलावा निवेशकों को फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की जून की बैठक के ब्योरे का भी इंतजार है। आजादी के बाद का देश का सबसे बड़ा कर सुधार जीएसटी एक जुलाई से लागू हुआ है।
ट्रेड स्मार्ट आनलाइन के संस्थापक निदेशक विजय सिंघानिया ने कहा, नई व्यवस्था में देश की कर प्रणाली नए सिरे से काम करेगी, हालांकि शुरुआत में क्रियान्वयन के मोर्चे पर कुछ अड़चनें आने की संभावना है। नए संकेतकों के अभाव में बाजार पर कुछ बिकवाली दबाव रहेगा। उन्होंने कहा कि सप्ताह के दौरान बाजार वाहनों के मासिक बिक्री आंकड़ों पर भी प्रतिक््िरया देंगे। इसके अलावा वैश्विक संकेतक, कच्चे तेल के दाम और करेंसी के उतार-चढ़ाव से भी बाजार को दिशा मिलेगी। एंजल ब्रोकिंग के कोष प्रबंधक मयुरेष जोशी ने कहा, जीएसटी से निकट भविष्य में कुछ अड़चनें आएंगी, क्योंकि यह एक बड़ा सुधार है जो हमारी अर्थव्यवस्था में क्रियान्वित किया जा रहा है। जोशी ने कहा कि हमारा अनुमान है कि बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बहुप्रतीक्षित जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद क्षेत्र आधारित शेयरों में उतार-चढ़ाव देखेने को मिल सकता है। आम्रपाली आद्या ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट के निदेशक एवं शोध प्रमुख अबनीष कुमार सुधांशु ने कहा, एक राष्ट्र एक कर से दलालपथ पर कुछ सकारात्मक रख रहेगा। हालांकि, हम कुछ झटकों की संभावना से इनकार नहीं कर सकते। मासिक बिक्री आंकड़ों की वजह से कार कंपनियों के शेयरों में गतिविधियां रहेंगी। पीएमआई आंकड़े भी सप्ताह के दौरान आएंगे जो वृहद आर्थिक गतिविधियों का संकेत देंगे। बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 216.60 अंक या 0.69 प्रतिशत नीचे आया। वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 54.05 अंक या 0.56 प्रतिशत नुकसान में रहा।

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