धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है भूस्खलन से प्रभावित बदरीनाथ यात्रा

गोपेश्वर भाषा।
उत्तराखंड के चमोली जिले में रिषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण 24 घंटे से भी अधिक समय तक बाधित रहने के बाद शनिवार को शाम से शुरू हुई बदरीनाथ यात्रा अब धीरे-धीरे फिर रफ्तार पकड़ने लगी है। हालांकि, विष्णुप्रयाग के पास हाथी पहाड़ से पत्थरों के गिरने का खतरा अब भी बना हुआ है जिसे देखते हुए जिला प्रशासन की देखरेख में वाहनों को आर-पार कराया जा रहा है।
शनिवार शाम सड़क खुलने के बाद से रविवार रात तक 1194 तीर्थयात्री प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में बदरीनाथ धाम पहुंचे। रविवार को दोपहर तक छह सौ से ज्यादा छोटे और सौ से ज्यादा बड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्से से होते हुए बदरीनाथ भेजा जा चुका है।
जोशीमठ के पास मारवाड़ी से लेकर विष्णुप्रयाग तक हाथी पहाड़ से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा हैंगिग चट्टानों के कारण अभी भी खतरनाक बना हुआ है। गत शुक्रवार को दोपहर बाद हाथी पहाड़ से गिरे मलबे को साफ कर वाहनों
के लिये फिलहाल कामचलाउ सड़क बनाई गयी है। अभी भी सड़क के दोनों तरफ बोल्डरों का ढ़ेर लगा हुआ है।
जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सीमा सड़क संगठन सड़क को सुरक्षित और सुगम यात्रा के लायक बनाने के लिये काम में जुटा हुआ है।
उन्होंने बताया कि मारवाड़ी से विष्णुप्रयाग के बीच वाहनों को नियंत्रित करते हुए आवाजाही करायी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के साथ ही मार्ग की मरम्मत के काम को जारी रखने के लिये ही यातायात को नियं़िात करके चलाया जा रहा है।
कुमार ने बताया कि आधे घंटे बीआरओ सड़क की मरम्मत कर रहे हैं तो आधा घंटा बदरीनाथ आने जाने वाले वाहनों को गुजारा जा रहा है। चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क के इलाके में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिये राज्य आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम तैनात की गयी है जो यातायात नियंत्रण के अलावा तीर्थयात्रियों की भी मदद कर रही है।

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