भारत को अपनी जल प्रबंधन व्यवस्था दुरूस्त करने की जरूरत : विशेषज्ञ

सिंगापुर, भाषा। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशों और प्रोद्यौगिकियों को आकर्षित करने के लिए भारत को देशभर में अपनी जल प्रबंधन व्यवस्था को दुरूस्त करने की जरूरत है। वर्तमान में भारत में जल प्रबंधन व्यवस्था जल संसाधन मंत्रालय से लेकर पर्यावरण मंत्रालय एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तक और केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों तथा नगरीय निकायों तक बहु स्तरीय है। दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक सत्यजीत सिंह ने कहा, लेकिन जल प्रबंधन एक ही संस्था के तहत आना चाहिए मसलन नगरीय निकाय के।

सार्वजनिक नीति पर 28 से 30 जून तक हो रहे तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीपीपी) में सिंह ने कहा, भारत में विभिन्न क्षेत्रों में जल विकास की अनंत संभावनाएं हैं, जलमल शोधन संयंत्र से लेकर कृषि क्षेत्र में सिंचाई और उद्योगों में पानी का बढ़ता इस्तेमाल आदि। सिंह ने कहा कि जल क्षेत्र विकास में सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत निवेश विकल्प भी हैं। इस सम्मेलन में दुनियाभर के अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों तथा विद्वानों समेत लगभग 1,200 लोग शामिल हुए।

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