भारत ने वृद्धि और निर्बाध व्यापार का आहवान किया

बीजिंग, भाषा। भारत ने गुरुवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता को उचित सम्मान दिये जाने के साथ उनके बीच कनेक्टिविटी में वृद्धि और निर्बाध व्यापार तथा आतंकवाद एवं चरमपंथ से मुकाबला करने के लिए सहयोग बढ़ाने का आहवान किया। यहां एससीओ के मुख्यालय में भारत और पाकिस्तान के ध्वजारोहण के मौके पर चीन में भारत के राजदूत विजय गोखले ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर होते हुए बनाये जा रहे 50 अरब डालर के चीन-पाकिस्तान आथिर्क गलियार का सीधे तौर पर चर्चा किये बगैर भारत की संप्रभुता चिंता जोर-शोर से रखी।
उन्होंने कहा, हम एससीओ क्षेत्र में कनेक्टिविटी में वृद्धि एवं निर्बाध के पक्ष में हैं और हमारा मानना है कि सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उचित सम्मान करते हुए समावेशी एवं सतत ढंग से इन पहलों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद एवं चरमपंथ के विरद्ध अपनी लड़ाई व्यावहारिक सहयोग और गहरा बनाना चाहेगा।
अंतरिक्ष और आईटी के क्षेत्र में सहयोग की पेशकश करते हुए गोखले ने कहा, हम आईटी, अंतरिक्ष, नवीकरणीय उर्जा, कृषि, बैंकिंग, मानव संसाधन जैसे क्षेत्रों में एससीओ सदस्य देशों के साथ अपना महारत बांटने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, भारत के जुड़ने के बाद एससीओ अब दुनिया की 20 फीसद जीडीपी तथा 42 फीसद जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। एससीओ के स्थायित्व और तरक्की इस क्षेत्र और दुनिया के लिए लाभकारी हैं। भारत एससीओ के दर्जे एवं प्रभाव को और बढ़ाने में योगदान करने को तैयार है।
उन्होंने कहा, अन्य सदस्यों के साथ मिलकर हम अपने परस्पर लाभकारी सहयोग की पूरी संभावना को साकार करने के लिए नये मौकों का दोहन करने को तैयार हैं। आज भारत और पाकिस्तान के झंडे यहां एससीओ मुख्यालय पर औपचारिक रप से फहराये गये।

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