विचारों की लड़ाई है राष्ट्रपति चुनाव: मीरा

अहमदाबाद, भाषा। राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने शुक्रवार को महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा को आगे लेकर जाने के लिए है। संयोगवश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार को आश्रम के सौ साल पूरे होने पर दौरा किया था।
महात्मा गांधी ने वर्ष 1917 में इस आश्रम की स्थापना की थी और यहां से उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के आंदोलन का नेतृत्व किया था। मीरा ने शुक्रवार को आश्रम में लगभग 40 मिनट बिताए। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के नेता भरत सिहं सोलंकी और शंकर सिंह वाघेला थे। मीरा 17 जुलाई को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव में राजग के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद के खिलाफ खड़ी हैं। अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए मीरा ने कहा, इस समय मैं जो लड़ाई लड़ रही हूं, वह महात्मा गांधी की विचारधारा के लिए है। हमें गांधी की विचारधारा को आगे ले जाना है।
कांग्रेस की 72 वर्षीय नेता मीरा ने कहा, मैं इस स्थान से कुछ शक्ति हासिल करने के लिए आई हूं। मैंने आश्रम में गांधीजी के घर हृदय कुंज में कुछ समय बिताया। मुझे आज इस लड़ाई को आगे ले जाने के लिए बहुत उर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि आश्रम में आने से उन्हें शांति मिली है। उन्होंने कहा, मैं गुजरात के लोगों, खासकर हाशिए पर जीने वाले लोगों के लिए समृद्धि की कामना करती हूं। मीरा ने आश्रम में चरखे पर भी हाथ आजमाया। गुरुवार रात यहां आने के बाद हवाईअड्डे पर पहुंची मीरा ने कहा था कि यह चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई है न कि दलित बनाम दलित की लड़ाई।

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